कराची. पाकिस्तान के कराची में बीते चार दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में मरने वालों की तादाद 100 पहुंच गई है। शुक्रवार को ऐसी ही घटनाओं में कम से कम 21 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मंगलवार से शुरू हुई हिंसा के बाद शहर में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। सरकार ने शहर में 1000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करने के आदेश दिए गए हैं। अपराधियों को देखते ही गोली मार देने के आदेश भी जारी किए गए हैं। ताजा हिंसक घटनाओं के बाद हजारों लोग भोजन-पानी के बिना जहां-तहां फंसे हुए हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक का कहना है कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली है कि कराची में तालिबान आतंकी घुसे हुए हैं। मलिक ने शुक्रवार को कहा, 'कटी पहाड़ी और कराची के अन्य इलाकों में तालिबान की मौजूदगी की खबरें मिल रही हैं। खुफिया एजेंसियों ने कराची में उन जगहों की पहचान कर ली हैं जहां तालिबान आतंकी मौजूद हैं। सरकार इनसे निपटने के ऊपाय कर रही है।' ऐसी भी खबर हैं कि सेना ने कराची शहर के कई इलाकों को अपने कब्जे में ले लिया है।
शहर में हाल में हिंसक घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के विरोध में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने शुक्रवार को एक दिन का शोक मनाया और बंद रखा। इसके चलते शहर में अधिकतर दुकानें और पेट्रोल पंप बंद हैं जिससे परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। उधर, हिंसा के चलते पाकिस्तान के सबसे बड़े कारोबारी शहर कराची को जबर्दस्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 'जियो न्यूज' ने खबर दी हे कि कराची में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहने से हर दिन 10 अरब रुपये का घाटा हो रहा है। कराची चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मोहम्मद सईद शफीक के मुताबिक हिंसा के चलते कराची के कारोबारियों को रोज़ाना करीब 2.7 अरब रुपये (पाकिस्तानी) का नुकसान हो रहा है।
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक राजधानी के तौर पर मशहूर कराची में जातीय और राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है। यहां 1995 से शुरू जातीय और राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में आए दिन होती हिंसक घटनाओं के लिए एमक्यूएम और अवामी नेशनल पार्टी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। कराची पुलिस के प्रमुख सउद मिर्जा़ ने कहा कि बीते मंगलवार से अब तक हिंसक घटनाओं में 90 लोगों की मौत हो गई है और करीब 150 घायल हुए हैं।
सिंध प्रांत के सूचना मंत्री शारजिल मेमन ने कहा, 'बीते मंगलवार से अब तक 90 लोग मारे गए हैं और करीब 100 घायल हो गए हैं। गुरुवार को ही 37 लोग मारे गए हैं। हमने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि हिंसा में शामिल किसी भी शख्स को मौके पर गोली मार दी जाए। शहर में हिंसक घटनाओं पर काबू पाने के लिए स्थानीय पुलिस और रेंजर के अलावा फ्रंटियर कॉन्सटेबुलरी के 1000 और जवान तैनात किए जाएंगे।'
पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात की है। उन्होंने इस सिलसिले में 90 लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी दी और कहा, 'हमें पता है कि इन हत्याओं के पीछे किन लोगों का हाथ है। हमारे पास उन इलाकों के सैटेलाइट रिकार्ड हैं जहां आतंकवादी बेगुनाह लोगों का खून बहाते हैं। ये आतंकी तालिबान से कम खतरनाक नहीं हैं। ये लोकतांत्रिक ढांचे को डंवाडोल करना चाहते हैं।'
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